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समाजशास्त्रीय दृष्टि से समावेशी शिक्षा की अवधारणा
Author(s): डॉ. श्रवण कुमार, डॉ. मीनू पाण्डेय मिश्रा
Language: Hindi
Format: Single-Component Retail Product (Book)
Year of Publication: 2025
Publisher Name: National Press Associate
समावेशी शिक्षा एक ऐसी अवधारणा है जो प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर प्रदान करने पर बल देती है, चाहे उसकी सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक पृष्ठभूमि या शारीरिक व मानसिक क्षमताएँ कोई भी हों। यह शिक्षा प्रणाली भेदभाव और असमानता को समाप्त करने का प्रयास करती है और सभी शिक्षार्थियों को एक समान, सहयोगात्मक और समावेशी वातावरण में सीखने का अवसर प्रदान करती है। समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से, समावेशी शिक्षा सामाजिक संरचना, शक्ति संतुलन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामाजिक गतिशीलता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं से गहराई से जुड़ी हुई है। यह केवल एक शैक्षिक नीति नहीं है, बल्कि समाज में समावेशिता और समानता स्थापित करने का एक प्रभावी साधन भी है।
Authors
डॉ. श्रवण कुमार
डॉ. श्रवण कुमार का जन्म विंध्याचल स्थित श्रीनिवास धाम, कोठरा मिश्रान (डंगहर), मीरजापुर में हुआ। उन्होंने मीरजापुर से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक एवं परास्नातक की डिग्री उत्तम श्रेणी में अर्जित की। उन्होंने एम.ए. (अर्थशास्त्र, शिक्षाशास्त्र, समाज कार्य, अंग्रेजी), एम.एड., नेट, तथा पी-एच.डी. (शिक्षाशास्त्र) की उपाधि प्राप्त की है। साथ ही, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन योग, वोकेशनल गाइडेंस एंड करियर काउंसलिंग एवं एडवांस्ड डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन में भी दक्षता हासिल की। उनकी पुस्तक 'कार्यात्मक अनुसंधान का शैक्षिक अनुप्रयोग' (2017) अत्यधिक प्रशंसित रही है। उन्होंने 'सामाजिक विज्ञान शिक्षण' एवं 'मूल्य शिक्षा' पर भी महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखी हैं। वे नेहरू ग्राम भारती (मानित विश्वविद्यालय), प्रयागराज के शिक्षक-शिक्षा विभाग द्वारा प्रकाशित न्यूजलेटर 'अभ्युदय' के मुख्य संपादक हैं और संगोष्ठियों एवं कार्यशालाओं के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉ. कुमार ने 70+ राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों में शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं और उनके 40+ शोध पत्र प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने 10+ सेमिनार प्रोसीडिंग्स एवं पुस्तकों में लेखन किया, साथ ही उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के बी.एड. पाठ्यक्रम के लिए अध्ययन सामग्री तैयार की। उनके निर्देशन में 10 शोधार्थियों ने पी-एच.डी. एवं 18 विद्यार्थियों ने लघु शोध प्रबंध पूर्ण किया है। उन्हें 'उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान' (नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय), 'शिक्षा भूषण सम्मान' (त्रिभुवन विश्वविद्यालय, नेपाल), एवं' शोध एवं शिक्षा के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय मान्यता पुरस्कार 2023' (सोल फाउंडेशन एवं कालिंदी प्रकाशन) सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं। हाल ही में उन्हें त्रिभुवन विश्वविद्यालय, नेपाल द्वारा 2024 का उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान प्राप्त हुआ। वर्तमान में वे नेहरू ग्राम भारती (मानित विश्वविद्यालय), प्रयागराज में शिक्षक-शिक्षा विभाग (बी.एड.) में अध्यापनरत हैं, जहां वे प्रशासनिक एवं शैक्षिक दायित्वों का भी कुशलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं।
डॉ. मीनू पाण्डेय मिश्रा का जन्म मीरजापुर में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा कानपुर से पूर्ण करने के उपरांत स्नातक एवं परास्नातक की शिक्षा छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर से उत्तम श्रेणी में उत्तीर्ण किया । आपने एम.ए (शिक्षाशास्त्र एवं हिन्दी), बी.एड.,नेट/ जे.आर.एफ. पी-एच.डी (शिक्षाशास्त्र) की शिक्षा प्राप्त की है। आपने 40 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों/ कॉन्फ्रेंस में शोध पत्रों का प्रस्तुतीकरण किया है।आपके 15 से अधिक शोध पत्रों का प्रकाशन राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में हुआ है। आपके 5 से अधिक सेमिनार प्रोसीडिंग्स एवं 5 से अधिक पुस्तकों में अध्याय प्रकाशित है साथ ही त्रिभुवन विश्वविद्यालय काठमांडू, नेपाल में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में शिक्षा भूषण सम्मान से सम्मानित होने का गौरव प्राप्त हो चुका है। वर्तमान में आप विंध्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राबर्ट्सगंज, सोनभद्र, (महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी), शिक्षाशास्त्र, विभाग में प्रवक्ता पद पर अध्यापनरत हैं।